शिक्षक दिवस पर निबंध | essay on teachers day in hindi

शिक्षक दिवस पर निबंध

शिक्षक वह नहीं जो विद्यार्थी के दिमाग पर जोर डाले, बल्कि वास्तविक में शिक्षक तो वह है जो आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करें यह बात भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा है शिक्षा का हमारे जीवन में बहुत बड़ा योगदान है हमारे जीवन में जो स्थान माता-पिता का होता है वही स्थान विद्यार्थी के जीवन में भी एक शिक्षक का होता है जो कि विद्यार्थी के लिए उसके जीवन में एक निव का काम करता है

जो जीवन के लिये एक सही मार्ग दर्शक बनता है हमारे जीवन में आने वाली सभी कठिनाइयों से बचने के लिए हमें मजबूती प्रदान कराता है तथा सही दिशा निर्देश देते हुए मानसिक रूप से तैयार करता है ताकि हम अपने जीवन में कुछ कर सकें तथा समाज की अच्छाइयों और बुराइयों को पहचान सकें| इसलिए शिक्षक का हमारे जीवन में बहुत बड़ा योगदान है यह शिक्षक दिवस शिक्षक और विद्यार्थी दोनों के लिए महत्वपूर्ण होता है |

शिक्षक दिवस कब मनाते हैं

5 सितंबर 1888 ईसवी को सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था इसलिय हमारे देश में प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है यह दिवस विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए एक विशेष दिन होता है राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे और राष्ट्रपति पद को सुशोभित करने से पहले कई वर्ष तक उन्होंने शिक्षण कार्य किया था इसलिए उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है और इसकी शुरुआत वर्ष 1994 में यूनेस्को ने की थी| भारत में शिक्षक दिवस की  शुरुआत 1962 में हुई थी |

शिक्षक दिवस क्यों मनाते हैं

शिक्षक दिवस देश के सभी विद्यालय महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है इस दिन शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी ही शिक्षक की भूमिका निभाते दिखाई देते हैं विभिन्न कक्षाओं में विभिन्न कक्षाओं से अलग-अलग विद्यार्थियों का चयन शिक्षक के रूप में किया जाता है एवं उन्हें अपनी कक्षा से छोटी कक्षा को शिक्षक के रूप में पढ़ाने के लिए भेज दिया जाता है शिक्षक बना विद्यार्थी स्वयं को इस रूप में देखकर रोमांचित महसूस करता है कक्षा में जाकर छात्रों को पढ़ाते समय उस एक जिम्मेदारी का एहसास होता है अनेक बार विद्यार्थी एक शिक्षक के कार्य को लेकर विभिन्न प्रकार की बातें बना लेते हैं

उस समय विद्यार्थी बने शिक्षक को यह एहसास होता है कि वास्तव में एक शिक्षक का कार्य जिम्मेदारी और चुनौतियों से भरा होता है कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाना उन्हें संबोधित करना कोई सरल कार्य नहीं होता यह शिक्षक बना विद्यार्थी भली-भांति समझने लगता है और इससे  शिक्षण और शिक्षक के प्रति आस्था मजबूत होती है इन सभी बातों से अवगत कराने के लिए शिक्षक दिवस मनाया जाता है ताकि विद्यार्थी को इस बात की समझ हो जाएगी एक शिक्षक की उनके जीवन में क्या भूमिका होती है

शिक्षक दिवस का महत्व

शिक्षक दिवस छात्रों के लिए ‘प्रायोगिक दिवस’ के समान होता है जो अपना भविष्य एक शिक्षक के रूप में सवारना चाहते हैं वह 1 दिन के लिए शिक्षक बनकर जहां से को गौरवपूर्ण महसूस करते हैं वहीं इस बात का प्राण भी रहते हैं कि यदि उन्हें शिक्षक बनने का अवसर मिला तो वे अपने पद की गरिमा को बनाते हुए इमानदारीपूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करेंगे

शिक्षा के निजीकरण के बाद से शिक्षा एक व्यवसाय का रूप लेती जा रही है इसलिए शिक्षकों के व्यवहार में भी परिवर्तन देखने को मिलता है यही कारण है कि शिक्षकों के सम्मान में पिछले कुछ वर्षों में कमी आई है शिक्षकों के सम्मान में आए इस कमी के लिए छात्र ही नहीं बल्कि शिक्षक भी समान रूप से दोषी हैं शिक्षक दिवस मनाने का उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों को शिक्षकों का महत्व बताते हुए उन्हें सम्मान देने के लिए प्रेरित करना होता है बल्कि शिक्षकों को भी उनकी भूमिका एवं उत्तरदायित्व का आभास कराना होता हैविश्व के महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा है- “विद्यार्थियों में रचनात्मक भाव और ज्ञान का आनंद जगाना ही एक शिक्षक का सबसे महत्वपूर्ण गुण है”

आदर्श शिक्षक के गुण

शिक्षक का मुख्य कार्य अध्यापन करना होता है किंतु अध्यापन के उद्देश्यों की पूर्ति तब ही हो सकती है जब वह इसके अतिरिक्त विद्यालय अथवा महाविद्यालय की अनुशासन व्यवस्था में सहयोग कर शिष्टाचार का पालन करें एक आदर्श शिक्षक सही समय पर विद्यालय आता हैशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षण सहायक सामग्रियों का भली-भांति प्रयोग करता है छात्र से मधुर संबंध रखता है उन्हें प्रोत्साहित करता है तथा अपने साथियों से भी मित्रता पूर्वक संबंध रखता है

इस प्रकार आशावादी दृष्टिकोण, प्रशासनिक योग्यता, जनतांत्रिक व्यवहार, मनोविज्ञान का ज्ञान, समाज की आवश्यकताओं का ज्ञान, विनोदी स्वभाव, दूरदर्शिता, मिलनसार प्रवृत्ति, अपने कार्य के प्रति आस्था तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व इत्यादि एक आदर्श शिक्षक के गुण हैं आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों को शिक्षार्थियों के मित्र, परामर्शदाता निर्देशक एवं नेतृत्वकर्ता की भूमिका भी निभानी पड़ती है  “कबीर” ने इस दोहे में शिक्षक अभ्यार्थियों दोनों के आदर्श रूप को बड़े ही सहज ढंग से प्रस्तुत किया है

“गुरु तो ऐसा चाहिए सिख से कुछ नहिं लेय |

सिख तो ऐसा चाहिए गुरु को सब कुछ देय ||”

निष्कर्ष

वास्तव में, शिक्षक दिवस का आयोजन तभी सार्थक और सफल हो सकेगा जब शिक्षकों को अपने दायित्व का ज्ञान हो और शिक्षार्थी एव  अभिभावक उन्हें महत्व एवं सम्मान दें| शिक्षक दिवस शिक्षकों और विद्यार्थी के संकल्प लेने का दिन है कि वे अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ करेंगे और अपने देश को  उन्नति के पथ पर ले जाने में सहयोग देंगे |

FAQ

  • प्रश्न- शिक्षक दिवस किसकी याद में मनाया जाता है ?
  • उत्तर- सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1988 को हुआ था उन्हीं की याद में शिक्षा दिवस मनाया जाता है
  • प्रश्न- शिक्षक दिवस कब से शुरू हुआ ?
  • उत्तर- शिक्षक दिवस की शुरुआत 1962 में हुई थी सर्वपल्ली राधाकृष्णन संस्कृत के संवाहक और महान दार्शनिक थे
  • प्रश्न- अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है ?
  • उत्तर- अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है और इसकी शुरुआत वर्ष 1994 में यूनेस्को ने की थी|

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